ड्रोन वाली साजिश नाकाम: पाकिस्तान से हथियार-ड्रग्स मंगाने वाला मोस्ट वांटेड तस्कर उत्तराखंड में दबोचा
देश की सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए घातक हथियार और खतरनाक ड्रग्स (हेरोइन) की तस्करी करने वाले इंटरनेशनल सिंडिकेट के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तराखंड एसटीएफ, जिला पुलिस और पंजाब की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बेहद गोपनीय और बड़े ज्वाइंट ऑपरेशन में इस मोस्ट वांटेड तस्कर को उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर से दबोच लिया है। पकड़ा गया आरोपी पिछले कई दिनों से यहां अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
उत्तराखंड में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सुरक्षा बलों के हाथ लगी यह सफलता सीमा पार से चल रहे हथियारों और नशे के अवैध कारोबार पर एक बहुत बड़ा प्रहार मानी जा रही है।
पंजाब से भागकर उत्तराखंड के बाजपुर में छिपा था आरोपी ईशानप्रीत सिंह
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स से एक पुख्ता इनपुट मिला था। इनपुट के आधार पर सोमवार तड़के संयुक्त टीम ने उधम सिंह नगर के बाजपुर स्थित केशवनगर मोहल्ले में तड़के छापेमारी की। पुलिस ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेरकर अमृतसर शहर के थाना छेहर्टा के नारायणगढ़ निवासी मुख्य आरोपी ईशानप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ईशानप्रीत सिंह बीते 23 मई से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर बाजपुर के केशवनगर में छिपकर फरारी काट रहा था और यहीं से अपना नेटवर्क ऑपरेट करने की कोशिश में था।
छत से कूदकर भागा था तस्कर, घर से मिली थीं चाइनीज पिस्टल और हेरोइन
दरअसल, 23 मई को पंजाब में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने अमृतसर में ईशानप्रीत के घर पर एक बड़ी रेड की थी। उस समय शातिर तस्कर ईशानप्रीत सिंह पुलिस को आते देख अपने घर की छत से कूदकर पिछले रास्ते से फरार होने में कामयाब हो गया था।
जब सुरक्षा बलों ने उसके घर की गहन तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। उसके घर से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद हुआ था। तलाशी के दौरान कुल 12 अवैध पिस्टल मिली थीं, जिनमें 3 बरेटा पिस्टल, 3 जिगाना पिस्टल और 6 मेड इन चाइना पिस्टल शामिल थीं। इसके साथ ही घर से लगभग 900 ग्राम हाई-क्वालिटी हेरोइन भी बरामद की गई थी।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए इंटरनेशनल बॉर्डर पर पहुंचाई जाती थी खेप
सुरक्षा एजेंसियों की शुरूआती पूछताछ और तफ्तीश में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी के पास से जो बरेटा, जिगाना और मेड इन चाइना पिस्टल के साथ हेरोइन मिली थी, वह कोई स्थानीय माल नहीं था। इस पूरे जखीरे को सीमा पार पाकिस्तान से अत्याधुनिक ड्रोन्स के माध्यम से भारतीय अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) पर ड्रॉप किया गया था। ईशानप्रीत सिंह इस पाकिस्तानी सिंडिकेट का भारत में मुख्य हैंडलर था, जो ड्रोन से गिराई गई खेप को कलेक्ट करके आगे सप्लाई करता था।
'ऑपरेशन प्रहार' के तहत मिली कामयाबी, लोकल मददगारों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
उत्तराखंड पुलिस ने पिछले दिनों राजपुर रोड पर मॉर्निंग वॉक कर रहे एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की रोड रेज में हुई दुखद मौत के बाद अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' की शुरुआत की थी। इसी अभियान के तहत एसटीएफ लगातार एक्टिव थी और पंजाब पुलिस के इनपुट पर इस इंटरनेशनल स्मगलर को दबोच लिया गया।
बाजपुर से गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड एसटीएफ ने आरोपी ईशानप्रीत से शुरुआती पूछताछ की और फिर उसे आगे की कानूनी कार्रवाई, रिमांड और गहन पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस की टीम को सौंप दिया है। पंजाब पुलिस अब इस एंगल पर बारीकी से जांच कर रही है कि उत्तराखंड के बाजपुर में ईशानप्रीत को पनाह देने और उसे छुपाने में स्थानीय स्तर पर किन-किन लोगों ने मदद की थी। पुलिस जल्द ही उसके लोकल मददगारों को भी सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी में है।